

भोपाल। राजधानी भोपाल में बुधवार को 11वें अंतरराष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। यह मेला सात दिनों तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से आए वन, वनोपज, आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों से जुड़े विशेषज्ञ, संस्थान और स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश वन संपदा से समृद्ध राज्य है और वनों का संरक्षण प्रदेश की प्राथमिकता है। वन मेला वनोपज आधारित रोजगार, आदिवासी संस्कृति, आयुर्वेद और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा देने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और वनवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलता है।
मेले में वन विभाग, आयुष विभाग, स्व-सहायता समूहों और निजी संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर वन उत्पाद, हर्बल व आयुर्वेदिक औषधियां, जैविक सामग्री, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, कार्यशालाएं और जनजागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
आयोजकों के अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय वन मेला आमजन के लिए प्रतिदिन खुला रहेगा और पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




